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विषय: वर्षांत बोनस और तेरहवाँ वेतन

भारत में वर्षांत बोनस और तेरहवाँ वेतन कैसे मनाया जाता है?

Statutory bonus (Payment of Bonus Act)

स्थानीय तारीख़
30 नवंबर 2026

भारत का वैधानिक बोनस बोनस भुगतान अधिनियम 1965 से आता है, जो बीस या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू है; लेखा वर्ष में तीस कार्यदिवस पूरे करने पर पात्रता बनती है। न्यूनतम वेतन का 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत — और न्यूनतम लाभ पर निर्भर नहीं है, इसलिए घाटे के वर्ष में भी न्यूनतम देना पड़ता है, जो ताइवान की 'लाभ हो तो' शर्त का ठीक उलटा है। भुगतान लेखा वर्ष समाप्त होने के आठ महीने के भीतर देय है; भारत का वर्ष 31 मार्च को ख़त्म होता है, इसलिए व्यावहारिक अंतिम तिथि नवंबर के अंत में पड़ती है, पर अधिकांश नियोक्ता जानबूझकर पहले भुगतान करते हैं ताकि पैसा दिवाली से पहले पहुँचे — साल का सबसे बड़ा ख़रीद-मौसम।

यह विषय क्या है?

ताइवान का वर्षांत बोनस श्रम मानक अधिनियम की धारा 29 पर टिका है, जो तभी लागू होती है जब कारोबार का वर्ष लाभ के साथ बंद हो — एक शर्त, बिना समय-सीमा और बिना दंड के, इसलिए राशि कंपनी तय करती है। ब्राज़ील इसका उलट है: तेरहवाँ वेतन 1962 से क़ानूनी बाध्यता है, पहली क़िस्त 30 नवंबर तक और दूसरी 20 दिसंबर तक, देर पर जुर्माना। इंडोनेशिया का THR धार्मिक त्योहार से सात दिन पहले पूरा चुकाना अनिवार्य है, किश्तों में नहीं, देरी पर 5 प्रतिशत जुर्माना। 'साल में एक बार अतिरिक्त पैसा' वाला यही विचार सातों बाज़ारों में बाध्यकारी क़ानून से लेकर विशुद्ध रिवाज़ तक फैला है — और यही तय करता है कि उस पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।

स्रोत और तारीख़ें

तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।