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विषय: अनिवार्य शिक्षा: किस उम्र से किस उम्र तक — और यह "कर्तव्य" किसका है

भारत में अनिवार्य शिक्षा: किस उम्र से किस उम्र तक — और यह "कर्तव्य" किसका है कैसे मनाया जाता है?

रोज़मर्रा का विषय

भारत अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकारों वाले भाग में लिखता है — बाक़ी छह बाज़ारों से यही सबसे तीखा अंतर है। अनुच्छेद 21A: राज्य छह से चौदह वर्ष के सभी बालकों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा उस रीति से देगा जो राज्य क़ानून द्वारा निर्धारित करे। यह प्राण और दैहिक स्वतंत्रता वाले अनुच्छेद 21 के ठीक बाद, भाग III में बैठा है, और भाग III के प्रावधान अदालत में ले जाए जा सकते हैं। इसके उलट, जब वही संविधान अनुच्छेद 45 में छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल और शिक्षा को संभालता है, तो शब्द होते हैं कि राज्य उसे देने का *प्रयास करेगा* — और वह अनुच्छेद भाग IV में है, जिसके बारे में अनुच्छेद 37 साफ़ कहता है कि कोई न्यायालय उसे प्रवर्तित नहीं कर सकता। एक ही विषय, एक आयु-वर्ग का फ़र्क़, और वाद-योग्य तथा अ-वाद-योग्य अलग हो जाते हैं। यह ढाँचा बाद में बना: अनुच्छेद 21A संशोधन से जोड़ा गया, जिसने शिक्षा के वादे को निदेशक तत्वों से उठाकर दावा किए जा सकने वाले अधिकारों में रख दिया।

यह विषय क्या है?

ताइवान का जन-शिक्षा अधिनियम छह से पंद्रह वर्ष, यानी नौ साल तय करता है, और अनिवार्य नामांकन को अलग क़ानून पर छोड़ता है। ब्राज़ील का अनुच्छेद 208, 2009 के संशोधन के बाद, चार से सत्रह वर्ष तक चलता है — सातों में सबसे लंबा। भारत का अनुच्छेद 21A छह से चौदह वर्ष को कवर करता है और मूल अधिकारों वाले भाग में बैठा है, इसलिए उसे अदालत में ले जाया जा सकता है। इंडोनेशिया का अनुच्छेद 31(2) कर्तव्य को दोनों ओर रखता है: नागरिक को बुनियादी शिक्षा लेनी होगी और सरकार को उसका ख़र्च उठाना होगा; एक और खंड बजट का कम से कम बीस प्रतिशत शिक्षा के लिए रखता है। जापान का अनुच्छेद 26 कर्तव्य अभिभावकों पर डालता है। चीन का अनुच्छेद 46 एक ही वाक्य में शिक्षा को अधिकार भी बनाता है और कर्तव्य भी। अमेरिका में कोई संघीय नियम है ही नहीं — हर राज्य अपनी शुरुआत और अंत की उम्र ख़ुद तय करता है।

स्रोत और तारीख़ें

तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।