क्या ब्राज़ील में तनाबाता और छीशी होता है?
यहाँ यह पर्व नहीं मनाया जाता
ब्राज़ील इस दिन को क़ानून में कोई जगह नहीं देता, पर उत्सव ज़रूर होता है — और यहाँ तिथि अपने पंचांग से पूरी तरह छूट चुकी है। साओ पाउलो के लिबेरदादे मोहल्ले में 1979 से तनाबाता मात्सुरी, यानी तारों का उत्सव, होता आया है, जिसे लिबेरदादे की सांस्कृतिक एवं सहायता संस्था (ACAL) और ब्राज़ील का मियागी प्रांतीय संघ आयोजित करते हैं, और सै उप-नगरपालिका सहयोग देती है; नगर का अपना विवरण इसे दुनिया का सबसे बड़ा जापानी सड़क आयोजन कहता है। लिबेरदादे-जापान चौक और आसपास की गलियों में अस्सी विशाल बाँस खड़े किए जाते हैं, जिन पर छह रंगों के तांज़ाकु लटकते हैं — सफ़ेद शांति के लिए, पीला धन, हरा आशा, लाल आवेग और कृतज्ञता, गुलाबी प्रेम, नीला स्वास्थ्य और आकाश की रक्षा — और अंत में उन्हें जला दिया जाता है ताकि कामनाएँ वेगा और अल्टेयर तक पहुँचें। पैमाना और तिथियाँ दोनों दर्ज हैं: 29वाँ आयोजन 7–8 जुलाई 2007 को लगभग डेढ़ लाख लोग लाया; 32वाँ 24–25 जुलाई 2010 को; 41वाँ 13–14 जुलाई 2019 को, जिसमें सदस्य संस्थाओं के लगभग 800 स्वयंसेवी नर्तक शामिल हुए। और यही इस पृष्ठ की बात है: ब्राज़ील में तिथि पूरी तरह अलग हो गई। न सातवें महीने की सातवीं, न कोई निश्चित दिन — जुलाई का एक सप्ताहांत, जिसे आयोजक हर वर्ष स्वयं चुनते हैं।
यह विषय क्या है?
बुनकर कन्या और ग्वाले की एक ही कथा, चंद्र-सौर पंचांग के सातवें महीने की एक ही तिथि — और उससे बने तीन अलग त्योहार। ताइवान इसे चंद्र तिथि पर रखता है और उसी दिन ताइनान में सोलह वर्ष का संस्कार भी करता है। चीन ने इसे राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में दर्ज किया, पर अवकाश-नियमावली की उस सूची में भी नहीं रखा जिसमें "छुट्टी नहीं मिलेगी" वाले दिन नाम लेकर गिनाए गए हैं। जापान ने 1873 के पंचांग-परिवर्तन के साथ इसे 7 जुलाई पर खिसका दिया, जबकि सेंदाई ने इसे एक महीना आगे बढ़ाकर 6–8 अगस्त पर टिका दिया। यह पृष्ठ तुलना करता है कि यह तिथि क़ानून में कहाँ बैठती है, कहाँ छुट्टी मिलती है, और कथा का कौन-सा हिस्सा कहाँ बचा।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।