विषय: धर्म और राज्य: संविधान दोनों के बीच कितनी दूरी रखता है
इंडोनेशिया में धर्म और राज्य: संविधान दोनों के बीच कितनी दूरी रखता है कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
अनुच्छेद 29(1) एक ही वाक्य है, और वह इन सात संविधानों में सबसे प्रबल वाक्य है: राज्य एकमेव ईश्वर में आस्था पर आधारित है। यह धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देने वाला उपबंध नहीं है; यह इस बारे में घोषणा है कि राज्य स्वयं किस पर खड़ा है — दिव्यता नींव में, न कि नागरिकों के अधिकारों की सूची में। स्वतंत्रता खंड (2) में आती है: राज्य हर निवासी को अपने-अपने धर्म को मानने और उस धर्म तथा आस्था के अनुसार उपासना करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। दोनों मिलकर कहते हैं: राज्य के पास आस्था के बारे में एक पूर्वधारणा है, और उस पूर्वधारणा के भीतर हर व्यक्ति की अपनी आस्था संरक्षित है। यह ब्राज़ील के अनुच्छेद 19 और जापान के अनुच्छेद 20 से ठीक उलटी दिशा है, और अमेरिकी उपवाक्य से भी भिन्न — इंडोनेशिया किसी एक धर्म का नाम नहीं लेता, पर ईश्वर में आस्था को राज्य की नींव में लिख देता है। यही वाक्य पंचशील का पहला सिद्धांत भी है।
यह विषय क्या है?
इंडोनेशिया के संविधान के अनुच्छेद 29 की पहली ही पंक्ति है कि राज्य एकमेव ईश्वर में आस्था पर आधारित है। ब्राज़ील का अनुच्छेद 19 उल्टी दिशा में चलता है और संघ, राज्यों तथा नगरपालिकाओं को धर्म स्थापित करने, उन्हें अनुदान देने, या उनसे निर्भरता अथवा गठबंधन का संबंध रखने से रोकता है। जापान का अनुच्छेद 20 और बारीक़ है — किसी धार्मिक संगठन को राज्य से विशेषाधिकार नहीं मिलेंगे, और राज्य तथा उसके अंग धार्मिक शिक्षा या किसी भी धार्मिक गतिविधि से दूर रहेंगे — जबकि अनुच्छेद 89 सार्वजनिक धन को धार्मिक निकायों तक जाने से रोकता है। अमेरिका का पहला संशोधन कहता है कि कांग्रेस धर्म की स्थापना संबंधी कोई क़ानून नहीं बनाएगी। चीन का अनुच्छेद 36 आस्था की स्वतंत्रता देता है पर संरक्षण "सामान्य" धार्मिक गतिविधियों को देता है। भारत की प्रस्तावना गणराज्य को पंथनिरपेक्ष कहती है, और अनुच्छेद 25 धर्म के *प्रचार* को भी स्वतंत्रता में गिनता है। ताइवान का अनुच्छेद 13 केवल एक वाक्य है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।