विषय: कहीं भर्ती, कहीं सिर्फ़ पंजीकरण, कहीं संविधान में लिखा कर्तव्य भर
ताइवान में कहीं भर्ती, कहीं सिर्फ़ पंजीकरण, कहीं संविधान में लिखा कर्तव्य भर कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
ताइवान के सैन्य सेवा अधिनियम की धारा 1 एक ही वाक्य है: चीन गणराज्य के हर पुरुष नागरिक पर क़ानूनन सैन्य सेवा का कर्तव्य है। धारा 3 वर्षों की सीमा बाँधती है — दायित्व अठारह वर्ष पूरा करने के अगले वर्ष की 1 जनवरी से शुरू होता है और छत्तीस वर्ष वाले वर्ष की 31 दिसंबर को समाप्त। हाल के वर्षों में सबसे चर्चित धारा 16 है: भर्ती-योग्य आयु के पुरुषों की सक्रिय सेवा एक वर्ष की होती है, जिसके बाद विमुक्ति मिलती है; दूसरा रास्ता चार महीने तक का सैन्य प्रशिक्षण है। उसी धारा में एक असामान्य व्यवस्था भी है: उच्चतर माध्यमिक या उससे ऊपर उत्तीर्ण सैन्य प्रशिक्षण अथवा राष्ट्रीय-रक्षा शिक्षा के पाठ्यक्रम आठ कक्षाओं के बदले एक दिन की दर से सेवा-अवधि से घटाए जा सकते हैं — सक्रिय सेवा में अधिकतम तीस दिन और प्रशिक्षण में पंद्रह। यानी कक्षा में बिताए घंटे बैरक के दिनों से बदले जा सकते हैं। धारा 2 सेवा को अफ़सर, कनिष्ठ अधिकारी, सैनिक और वैकल्पिक सेवा में बाँटती है, और वैकल्पिक सेवा अपवाद नहीं, सामान्य रास्ता है।
यह विषय क्या है?
ताइवान के सैन्य सेवा अधिनियम की धारा 1 एक ही वाक्य है — हर पुरुष नागरिक पर सेवा का कर्तव्य है — और धारा 16 सक्रिय भर्ती-सेवा को एक वर्ष तय करती है। चीन का संविधान सैन्य सेवा को "गौरवपूर्ण दायित्व" कहता है। ब्राज़ील का संविधान इसे अनिवार्य बताता है, फिर अंतरात्मा के आधार पर वैकल्पिक सेवा देता है और शांतिकाल में महिलाओं तथा धर्माचार्यों को छूट देता है। अमेरिका और भी अजीब है: 50 U.S.C. §3802 अठारह से छब्बीस वर्ष के पुरुषों से पंजीकरण माँगता है, पर बुलाया लगभग किसी को नहीं जाता। जापान का संविधान थल, जल और वायु सेना रखता ही नहीं। इंडोनेशिया और भारत दोनों संविधान में रक्षा का कर्तव्य लिखते हैं और दोनों में अनिवार्य भर्ती नहीं है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।