विषय: कहीं भर्ती, कहीं सिर्फ़ पंजीकरण, कहीं संविधान में लिखा कर्तव्य भर
जापान में कहीं भर्ती, कहीं सिर्फ़ पंजीकरण, कहीं संविधान में लिखा कर्तव्य भर कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
जापान में अनिवार्य सैन्य भर्ती नहीं है, और इसका कारण नीति से कम, संविधान के पाठ से अधिक जुड़ा है। अनुच्छेद 9 कहता है कि जापानी जनता राष्ट्र के संप्रभु अधिकार के रूप में युद्ध को, तथा अंतरराष्ट्रीय विवाद सुलझाने के साधन के रूप में बल की धमकी या प्रयोग को, सदा के लिए त्यागती है; और फिर: "उपर्युक्त उद्देश्य की पूर्ति के लिए थल, जल और वायु सेनाएँ तथा अन्य युद्ध-क्षमता कभी नहीं रखी जाएँगी। राज्य का युद्ध करने का अधिकार मान्य नहीं होगा।" जहाँ बाक़ी छह बाज़ार लिखते हैं कि कौन कितने वर्ष सेवा करेगा, वहाँ जापान का आरंभ-बिंदु यह है कि रखा ही क्या नहीं जाएगा। व्यवहार में रक्षा का काम आत्म-रक्षा बल करता है, जो अपने अलग क़ानून के तहत है, और उसके सदस्य आवेदन देकर भर्ती होते हैं — राज्य व्यक्ति को बुलाता नहीं, व्यक्ति आवेदन करता है। संविधान में नागरिकों पर सैन्य सेवा का कर्तव्य डालने वाला कोई अनुच्छेद नहीं है।
यह विषय क्या है?
ताइवान के सैन्य सेवा अधिनियम की धारा 1 एक ही वाक्य है — हर पुरुष नागरिक पर सेवा का कर्तव्य है — और धारा 16 सक्रिय भर्ती-सेवा को एक वर्ष तय करती है। चीन का संविधान सैन्य सेवा को "गौरवपूर्ण दायित्व" कहता है। ब्राज़ील का संविधान इसे अनिवार्य बताता है, फिर अंतरात्मा के आधार पर वैकल्पिक सेवा देता है और शांतिकाल में महिलाओं तथा धर्माचार्यों को छूट देता है। अमेरिका और भी अजीब है: 50 U.S.C. §3802 अठारह से छब्बीस वर्ष के पुरुषों से पंजीकरण माँगता है, पर बुलाया लगभग किसी को नहीं जाता। जापान का संविधान थल, जल और वायु सेना रखता ही नहीं। इंडोनेशिया और भारत दोनों संविधान में रक्षा का कर्तव्य लिखते हैं और दोनों में अनिवार्य भर्ती नहीं है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।