विषय: आदिवासी स्मृति और औपनिवेशिक इतिहास
क्या जापान में आदिवासी स्मृति और औपनिवेशिक इतिहास होता है?
यहाँ यह पर्व नहीं मनाया जाता
जापान ने एक आदिवासी जन को मान्यता दी, पर तारीख़ नहीं दी। 6 जून 2008 को संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से "ऐनू को आदिवासी जन के रूप में मान्यता देने की माँग का प्रस्ताव" (169वाँ संसद-सत्र, प्रस्ताव संख्या 1) पारित किया। प्रस्ताव अपने कारण स्वयं बताता है: पिछले सितंबर संयुक्त राष्ट्र में आदिवासी जनों के अधिकारों की घोषणा जापान के समर्थन से स्वीकृत हुई थी; उसी वर्ष जुलाई में G8 शिखर सम्मेलन "ऐनू जन की आदि-भूमि" होक्काइदो में होना था; और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में अनेक ऐनू, क़ानूनन बराबर नागरिक होते हुए भी, भेदभाव और दरिद्रता के शिकार हुए — इस ऐतिहासिक तथ्य को गंभीरता से स्वीकारना होगा। 2019 का ऐनू नीति संवर्धन अधिनियम (2019 का अधिनियम संख्या 16, 26 अप्रैल को प्रख्यापित) अनुच्छेद 1 में ऐनू को "जापानी द्वीपसमूह के उत्तरी भाग, विशेषकर होक्काइदो, के आदिवासी जन" कहता है, और अनुच्छेद 4 ऐनू होने के आधार पर किसी भी भेदभाव को वर्जित करता है। वही अधिनियम होक्काइदो के शिराओइ में "जातीय सद्भाव का प्रतीक-स्थल" बनाता है — राष्ट्रीय ऐनू संग्रहालय वाला राष्ट्रीय केंद्र, जिसका प्रबंधन भूमि तथा शिक्षा मंत्री एक नामित निगम को सौंपते हैं — और नगरपालिकाओं को स्थानीय ऐनू नीति योजनाएँ बनाकर प्रधानमंत्री से प्रमाणित कराने का रास्ता देता है। प्रस्ताव है, क़ानून है, राष्ट्रीय संस्था है, बजट और योजना की व्यवस्था है। नहीं है तो बस एक दिन।
यह विषय क्या है?
भारत ने यह दिन एक व्यक्ति से बाँधा है: 2021 में, आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान सरकार ने 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया, और जनजातीय कार्य मंत्रालय इसे समारोह नहीं, नीति की तारीख़ की तरह चलाता है — 2021 में राँची का स्मारक संग्रहालय, 2023 में खूँटी से PM-JANMAN, 2024 में 150वीं जयंती। दूसरी जगहों पर कैलेंडर का एक ही खाना दो नामों के बीच बँटा है: अमेरिकी संघीय क़ानून आज भी कोलंबस डे लिखता है, साउथ डकोटा नेटिव अमेरिकन्स डे, और अलबामा एक ही पंक्ति में तीन नाम। ताइवान ने तीन स्मृति-दिवस क़ानून में लिखे और किसी पर छुट्टी नहीं दी, ब्राज़ील ने 2022 में नाम बदला, और जापान ने आदिवासी होने की मान्यता दी पर तारीख़ नहीं।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।