विषय: आदिवासी स्मृति और औपनिवेशिक इतिहास
क्या चीन में आदिवासी स्मृति और औपनिवेशिक इतिहास होता है?
यहाँ यह पर्व नहीं मनाया जाता
चीन में "आदिवासी जन" नाम की कोई सरकारी श्रेणी नहीं है; व्यवस्था कहीं और बैठती है। क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता क़ानून (1984 में छठी राष्ट्रीय जन कांग्रेस द्वारा पारित, 2001 में संशोधित) की प्रस्तावना पहला ही वाक्य यह कहती है कि "जनवादी गणराज्य चीन सभी जातीय समूहों के लोगों द्वारा मिलकर बनाया गया एक एकीकृत बहुजातीय राज्य है", और फिर क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता को "राज्य की एक बुनियादी राजनीतिक व्यवस्था" घोषित करती है: जहाँ अल्पसंख्यक जातियाँ सघन रूप से रहती हैं वहाँ स्वायत्त निकाय स्वशासन के अधिकार चलाते हैं। स्मृति-दिवस के बराबर वहाँ कोई तारीख़ नहीं, बल्कि सम्मान की एक प्रणाली है। राज्य जातीय मामलों के आयोग की अपनी व्याख्या इसे 1950 के दशक के "जातीय एकता माह" अभियानों तक ले जाती है; राज्य परिषद ने जातीय एकता और प्रगति के सम्मान का पहला राष्ट्रीय सम्मेलन 1988 में बुलाया, फिर 1994, 1999 और 2005 में, और राज्य परिषद आदेश संख्या 435 ने "जातीय एकता और प्रगति को बढ़ाने वाली गतिविधियाँ चलाना तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाली इकाइयों और व्यक्तियों को सम्मानित करना" को हर स्तर की सरकार का क़ानूनी कर्तव्य बना दिया। ताइवान के मूल निवासियों के बारे में आयोग का पृष्ठ साफ़ लिखता है: "ताइवान की अल्पसंख्यक जाति के लिए हमारी सरकार 'गाओशान' को आधिकारिक जाति-नाम मानती है, जबकि ताइवान के अधिकारी उन्हें 'युआनजूमिन' कहते हैं।" एक ही आबादी, दो आधिकारिक नाम — और ताइवान में वहाँ की आदिवासी परिषद इस समय सोलह अलग-अलग समुदायों को मान्यता देती है।
यह विषय क्या है?
भारत ने यह दिन एक व्यक्ति से बाँधा है: 2021 में, आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान सरकार ने 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया, और जनजातीय कार्य मंत्रालय इसे समारोह नहीं, नीति की तारीख़ की तरह चलाता है — 2021 में राँची का स्मारक संग्रहालय, 2023 में खूँटी से PM-JANMAN, 2024 में 150वीं जयंती। दूसरी जगहों पर कैलेंडर का एक ही खाना दो नामों के बीच बँटा है: अमेरिकी संघीय क़ानून आज भी कोलंबस डे लिखता है, साउथ डकोटा नेटिव अमेरिकन्स डे, और अलबामा एक ही पंक्ति में तीन नाम। ताइवान ने तीन स्मृति-दिवस क़ानून में लिखे और किसी पर छुट्टी नहीं दी, ब्राज़ील ने 2022 में नाम बदला, और जापान ने आदिवासी होने की मान्यता दी पर तारीख़ नहीं।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।