विषय: मतदान आपसे क्या माँगता है — देश दर देश
इंडोनेशिया में मतदान आपसे क्या माँगता है — देश दर देश कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
इंडोनेशिया अपने चुनाव की बुनियादी शर्तें संविधान में ही लिख देता है: 1945 के संविधान का अनुच्छेद 22E(1) कहता है कि चुनाव हर पाँच साल में एक बार, प्रत्यक्ष, सार्वभौम, स्वतंत्र, गुप्त, ईमानदार और निष्पक्ष रूप से कराए जाएँगे। विशेषणों की इस लड़ी का इंडोनेशिया में नाम है — luber jurdil — और यह स्कूली बच्चों को कंठस्थ रहने वाला सूत्र है, क़ानून की सजावट नहीं। खंड (2) फिर गिनाता है कि चुना क्या जा रहा है: प्रतिनिधि सभा, क्षेत्रीय प्रतिनिधि परिषद, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, तथा क्षेत्रीय विधानसभाएँ। चक्र और सिद्धांत दोनों को संविधान में जड़ देना ही यहाँ इंडोनेशिया को सबसे अलग करता है: चुनाव कब हो, यह सत्ताधारी के हाथ में नहीं, क्योंकि "पाँच" की संख्या सर्वोच्च क़ानून में बैठी है। चरण और वास्तविक तिथियाँ चुनाव आयोग घोषित करता है, और पूरा देश एक ही दिन मतदान करता है।
यह विषय क्या है?
ब्राज़ील के संविधान का अनुच्छेद 14 अठारह से सत्तर वर्ष के नागरिकों के लिए मतदान को कर्तव्य बनाता है, और न जाने पर कारण बताना पड़ता है। ताइवान के जन-प्रतिनिधि चुनाव एवं प्रत्यावर्तन अधिनियम की धारा 17 कहती है कि मतदान अपने गृह-पंजीकरण वाले मतदान केंद्र पर ही होगा — वहाँ अनुपस्थित मतपत्र है ही नहीं, इसलिए चुनाव का दिन पूरे द्वीप की घर-वापसी बन जाता है। चीन का संविधान प्रत्यक्ष चुनाव को काउंटी और टाउनशिप स्तर तक सीमित रखता है। और अमेरिका में संघीय क़ानून चुनाव का दिन 'नवंबर के पहले सोमवार के बाद वाला मंगलवार' तय करता है — और वह दिन छुट्टी नहीं है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।