जापान में जन्मदिन और शुभकामनाएँ कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
जापान ने दो आयु-गणनाओं के सह-अस्तित्व को क़ानून से समाप्त किया: 1949 में प्रकाशित आयु-कथन अधिनियम ने जनता से कहा कि वह पारंपरिक गणना से आयु बताने की आदत छोड़े और आयु-गणना अधिनियम के अनुसार निकाले गए पूरे वर्षों से — वर्ष से कम हो तो महीनों से — आयु बताए, तथा राष्ट्रीय व स्थानीय सरकारी निकायों को इसी रूप में आयु बताने को बाध्य किया। यह 1 जनवरी 1950 से लागू हुआ। पारंपरिक गणना अपने आप नहीं मिटी, उसे विधान ने हटाया। आज जन्मदिन ग्रेगोरियन तिथि पर मनाया जाता है, प्रायः केक और मोमबत्तियों के साथ। पड़ाव की आयुओं के अपने नाम हैं: साठ कानरेकि, सत्तर कोकि, सतहत्तर किजु — हर एक का अपना रंग और मनाने का अपना ढंग।
यह विषय क्या है?
जन्मदिन केवल केक नहीं है: ताइवान में कानूनी आयु और पारंपरिक आयु दोनों चलती हैं, जापान ने क़ानून से पारंपरिक गणना से पूरे वर्षों की ओर कदम बढ़ाया लेकिन kanreki जैसे पड़ाव रखे, और अमेरिका में 16, 18 व 21 वर्ष अलग अधिकारों से जुड़े हैं। भारत में ग्रेगोरियन तारीख़ और tithi अलग हो सकती हैं, इंडोनेशिया में syukuran साझा करने पर ज़ोर देता है, और ब्राज़ील में 15 साल की festa de 15 anos विशेष पड़ाव है। यह पृष्ठ तारीख़, आयु-गणना, भोजन, उपहार और पारिवारिक रस्मों की तुलना करता है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।