भारत में जन्मदिन और शुभकामनाएँ कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
भारत में जन्मदिन प्रायः दो तारीख़ें रखता है: ग्रेगोरियन वाली, और हिंदू चांद्र-सौर पंचांग की तिथि से निकली हुई — और ये दोनों हर साल एक नहीं पड़तीं। घर की रस्में प्रायः तिथि के अनुसार होती हैं: आशीर्वाद, मंदिर में पूजा, बड़ों के चरण-स्पर्श। विद्यालय और कार्यस्थल ग्रेगोरियन तारीख़ से चलते हैं। साठ और अस्सी वर्ष पूरे होने पर कुछ समुदायों में विशेष संस्कार होते हैं, जो जीवन के चरण के बदलाव को चिह्नित करते हैं और विवाह जितने बड़े भी हो सकते हैं। उस दिन बड़ों के चरण छूना और मंदिर जाकर आशीर्वाद लेना, केक काटने से कहीं अधिक बार आवश्यक क़दम माना जाता है।
यह विषय क्या है?
जन्मदिन केवल केक नहीं है: ताइवान में कानूनी आयु और पारंपरिक आयु दोनों चलती हैं, जापान ने क़ानून से पारंपरिक गणना से पूरे वर्षों की ओर कदम बढ़ाया लेकिन kanreki जैसे पड़ाव रखे, और अमेरिका में 16, 18 व 21 वर्ष अलग अधिकारों से जुड़े हैं। भारत में ग्रेगोरियन तारीख़ और tithi अलग हो सकती हैं, इंडोनेशिया में syukuran साझा करने पर ज़ोर देता है, और ब्राज़ील में 15 साल की festa de 15 anos विशेष पड़ाव है। यह पृष्ठ तारीख़, आयु-गणना, भोजन, उपहार और पारिवारिक रस्मों की तुलना करता है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।