भारत में लंबी छुट्टियाँ कैसे मनाया जाता है?
दुर्गा पूजा की छुट्टियाँ
- स्थानीय तारीख़
- 15 अक्टूबर 2026–26 अक्टूबर 2026
- यह कब होता है?
- आश्विन शुक्ल पक्ष में महा चतुर्थी से दशमी तक के दुर्गा पूजा के दिन, जिन्हें पश्चिम बंगाल का वित्त विभाग हर साल अधिसूचित करता है; राज्य की अपनी "दुर्गा पूजा के लिए अतिरिक्त दिन" प्रविष्टियाँ किसी अनुष्ठान से मेल नहीं खातीं।
भारत में सार्वजनिक अवकाश केंद्र से नहीं आते। हर राज्य उन्हें परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के स्पष्टीकरण और गृह मंत्रालय की 8 जून 1957 की अधिसूचना के तहत राज्यपाल के नाम से घोषित करता है — यानी एक देश की अवकाश-व्यवस्था उन्नीसवीं सदी के हुंडी-कानून पर टिकी है। पश्चिम बंगाल वित्त (लेखा) विभाग की 27 नवंबर 2025 की अधिसूचना संख्या 4188-F(P2) 2026 के दिनों को तीन सूचियों में बाँटती है। सूची एक अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश है, जिसमें दुर्गा पूजा की महा अष्टमी 19 अक्तूबर, महा नवमी 20 अक्तूबर और दशमी 21 अक्तूबर हैं। सूची दो राज्य सरकार के आदेश से बंद रहने वाले दिन हैं: राज्य के दफ़्तर बंद, बैंक खुले — और इसकी तीन प्रविष्टियाँ, 22, 23 और 24 अक्तूबर, केवल "दुर्गा पूजा के लिए अतिरिक्त दिन" कहलाती हैं और किसी अनुष्ठान से नहीं जुड़तीं। सूची तीन सांप्रदायिक है: ईस्टर शनिवार केवल ईसाइयों के लिए, 30 जून का हूल दिवस केवल संताल आदिवासियों के लिए। सब जोड़ दें तो 15 से 26 अक्तूबर तक लगातार बारह दिन बनते हैं — इन सात जगहों में सबसे लंबी कड़ी — और वह एक ही राज्य में मौजूद है।
यह विषय क्या है?
सातों जगह लगातार छुट्टियों की एक कड़ी बनती है, पर उसे जोड़ने वाली मशीन कहीं भी एक जैसी नहीं। जापान में अवकाश कानून बीच का दिन खुद भर देता है और किसी को कुछ घोषित नहीं करना पड़ता। चीन में राज्य परिषद कार्यालय हर नवंबर एक अधिसूचना निकालता है जो सप्ताहांत आगे खींच लेती है और बाद में शनिवार को काम कराकर वसूल लेती है। इंडोनेशिया में तीन मंत्री मिलकर सामूहिक अवकाश तय करते हैं, और वे दिन कर्मचारी की अपनी वार्षिक छुट्टी से काटे जाते हैं। ताइवान ने 2025 में कानून बदला और अब सिर्फ़ प्रतिकर अवकाश जोड़ता है, सप्ताहांत उधार नहीं लेता। ब्राज़ील में मंत्रालय के आदेश से बिना नाम वाले पुल-दिन तय होते हैं, जो केवल संघीय दफ़्तरों पर लागू हैं। अमेरिका ने 1968 में पाँच अवकाश सोमवार पर टिका दिए और उसके बाद कुछ नहीं किया। भारत में यह राज्यों पर छोड़ा गया है, और आधार 1881 का परक्राम्य लिखत अधिनियम है।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।