भारत में घर वापसी और पुनर्मिलन कैसे मनाया जाता है?
रोज़मर्रा का विषय
भारत में घर लौटने का कोई एक शिखर नहीं; लहरें हर राज्य के त्योहारों के अनुसार पूरे साल में बँटी रहती हैं — दीवाली, पोंगल, ओणम, दुर्गा पूजा और छठ, हर एक अपनी लहर लाती है। अधिकांश भार रेल उठाती है, जहाँ लंबी दूरी की गाड़ियाँ त्योहार से एक-दो महीने पहले भर जाती हैं और विशेष गाड़ियाँ जोड़ना सामान्य बात है। काम का शहर और गृह-क्षेत्र प्रायः अलग राज्यों में होने से यात्रा तीस घंटे से शुरू होती है; एक ही कंपनी में अलग-अलग कर्मचारियों की वापसी का शिखर अलग-अलग महीनों में पड़ सकता है।
यह विषय क्या है?
घर वापसी किसी एक त्योहार का एक जैसा ढंग नहीं है: ताइवान में मुख्य लहर चंद्र नववर्ष की है, जापान में वर्षांत/नववर्ष और ओबोन, चीन में वसंत पर्व के आसपास लगभग चालीस दिनों का चुनयुन, और अमेरिका में थैंक्सगिविंग सबसे बड़ी लहर बनाता है। भारत में यात्रा राज्यों के त्योहारों के साथ बँटती है, इंडोनेशिया में ईद उल-फ़ित्र के आसपास mudik होता है, और ब्राज़ील में स्कूल व परिवार के कैलेंडर भी समय तय करते हैं। यह पृष्ठ तारीख़, छुट्टी, यात्रा-दबाव और मिलन के तरीकों की तुलना करता है, साथ ही उन लोगों की पसंद को भी मानता है जो यात्रा नहीं कर सकते या नहीं करना चाहते।
स्रोत और तारीख़ें
तारीख़ें स्थानीय समय, कैलेंडर और आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित हैं। अनुमानित या स्थानीय तारीख़ के लिए स्रोत देखें।